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Tuesday, 9 November 2021
छठ पूजा को लेकर सियासत
लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा नजदीक है। इसको लेकर बाजारों में छठ पूजा सामग्री से दुकानें सज चुकी हैं। लोग छठ पूजा की तैयारी में जुट गए हैं। सदर बाजार में खरीदारी करने के लिए लोगों की चहल-पहल दिखने लगी है। बाजारों में रौनक बढ़ गई है। छठ पूजा को लेकर सियासत भी गरमा गई है। छठ पूजा पर शनिवार को राजनीति उस समय और तेज हो गई जब आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर पूर्वांचलियों को छठ पूजा के लिए जरूरी घाट तैयार नहीं करने का आरोप लगाया। आप ने भाजपा से छठ पूजा पर गंदी राजनीति बंद करने तथा लोगों को राजधानी में छठ पूजा मनाने की अपील की। पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विधायक संजीव झा ने कहाöअगर भाजपा छठ पूजा पर गंदी राजनीति जारी रखेगी तो पूर्वांचली उन्हें कभी क्षमा नहीं करेंगे। गौरतलब है कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने इस वर्ष यमुना नदी किनारे छठ पजा के आयोजन पर रोक लगा दी है। उसने अपने आदेश में कहा कि राजधानी में छठ पूजा का आयोजन करने की अनुमति यमुना तटों को छोड़कर कुछ अन्य जगहों पर होगी। इसके बाद संजीव झा ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से यमुना के किनारों पर छठ पूजा का आयोजन करने की अनुमति देने का आग्रह किया और कहा कि ब्रतियों के पूजा करने से पहले घाटों को साफ कर दिया गया है। संजीव झा ने आरोप लगाया कि भाजपा अब छठ पूजा समारोहों का आयोजन डीडीए एवं नगर निगमों की जमीन पर भी करने से रोकने का प्रयास कर रही है। वहीं दिल्ली भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की उपस्थिति में हुई बैठक में निर्णय लेकर दिल्ली आपदा समिति ने गत माह दिल्ली में छठ पूजा पर रोक की घोषणा की थी जिससे आम आदमी पार्टी की राजनीतिक बदनामी हुई और छठ पूजा से पूर्व दिल्ली में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। इस मामले में दिल्ली भाजपा के महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह, प्रवक्ता आदित्य झा व पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा ने संयुक्त बयान जारी किया है। भाजपा के पूर्वांचल से जुड़े नेताओं ने कहा है कि जहां एक ओर नगर निगम व डीडीए सकारात्मक काम कर रही हैं वहीं आम आदमी पार्टी के दुर्गेश पाठक, सोमनाथ भारती, संजीव झा एवं दिलीप पांडे जैसे नेता अनर्गल प्रचार एवं बयानबाजी कर छठ पूजा से पूर्व दिल्ली में तनाव पैदा करने में लगे हैं। वेद के अनुसार भगवान भास्कर की मानस बहन षष्ठी वेदी हैं, जिन्हे ब्रती छठ मैया से संबोधित करते हैं। प्रकृति के अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई थीं। उन्हें बालकों की रक्षा करने वाला बताया गया है। बालक के जन्म के छठे दिन भी षष्ठी मैया की पूजा-अर्चना की जाती है। हम उम्मीद करते हैं कि छठ पूजा पर राजनीति न करें और इस समस्या का अविलंब समाधान करें। छठ पूजा की सबको बधाई।
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