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Thursday, 17 June 2021

कश्मीर में बढ़ेंगी आतंकी गतिविधियां

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ने की आशंका है। सीएनएन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार लोकतंत्र की रक्षा के लिए बने फाउंडेशन एफडीडी के वरिष्ठ फेलो और लांग वॉर जर्नल के संपादक बिलरोगियो ने कहा है कि अमेरिकी सैनिकों के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद बढ़ने की संभावना है। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीन (एफडीडी) के मुताबिक पाकिस्तान का आतंकवाद को प्रायोजित करना उसकी विदेश नीति का एक हिस्सा है और यह नीति तालिबान के जेहादी गुटों को प्रोत्साहित करती है। इस मामले पर नजर रखने वाले पर्यवेक्षकों को आशंका है कि अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में 20 साल के युद्ध से खुद को अलग कर लेने के बाद कश्मीर में संघर्ष के हालात और खराब हो सकते हैं। हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी बिलंकेन ने कहा है कि अमेरिका सिर्फ अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुला रहा है, वह देश में अपनी मौजूदगी खत्म नहीं करेगा। लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तानी विदेश नीति की शह पाकर यह आतंकी गुट अफगानिस्तान का साथ देने वाले देशों के खिलाफ अपनी गतिविधियां बढ़ा सकते हैं। आतंकवाद को पनाह देने के साथ पाकिस्तान में आतंकियों के लिए धन एकत्रित होता है। यह दावा है पाक की विपक्षी नेशनल पार्टी (एएनपी) का जिसने कहा है कि सरकार अफगान तालिबान को मस्जिद के जरिए चंदा जुटाने की प्रथा रोकने के लिए तेजी से कार्रवाई करे, पार्टी के पूर्व प्रांतीय प्रवक्ता और एएनपी के अध्यक्ष अजमल वली खान ने एक मरकज में आयोजित शोक सभा में बोलते हुए मस्जिदें में जारी दान के संग्रह का खुलासा किया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और जमात-ए-इस्लामी सरकार में सहयोगी नहीं हैं। मगर इन दोनों को एक ही स्रोत से आदेश मिल रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। -अनिल नरेन्द्र

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