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Thursday, 3 June 2021
चीन एलएसी पर नए हथियारों की तैनाती कर रहा है
सीमा विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने को लेकर भारत के साथ चल रही वार्ता के बीच चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक नए हथियारों की तैनाती कर रहा है। पता चला है कि कब्जे वाली भारतीय भूमि पर भी चीन नए हथियारों की तैनाती कर रहा है। इससे हालात और जटिल होने की आशंका पैदा हो रही है। एशिया टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने एलएसी पर नए सेल्फ प्रोपेल्ड रैपिड फायर मोर्टार की तैनाती करने की घोषणा की है। इस मोबाइल सिस्टम को हिट एंड रन पोजीशिन के लिए बनाया गया है। इससे पहले चीनी सेना ने एलएसी के नजदीक 122 एमएम कैलिबर वाली सेल्फ प्रोपेल्ड हॉवित्जर तोपों, आर्मर्ड असाल्ट व्हीकल और लंबी दूरी तक रॉकेट छोड़ने की तैनाती की है। इसके अतिरिक्त एचक्यू-17ए फील्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और 122 एमएम कैलिबर वाले सेल्फ प्रोपेल्ड मल्टीपल राकेट लांचर सिस्टम को भी भारतीय सीमा के नजदीक तैनाती की गई है। पर्वतीय इलाकें से गुजर रही एलएसी के नजदीक इन भारी हथियारों की तैनाती सामान्य और आसान नहीं है। कई इलाकों में मालवाही हेलीकाप्टरों के जरिए लाकर इन्हें नीचे उतारा गया है। पिछले हफ्ते भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि सीमा पर चल रहे विवाद के बीच चीन के साथ भारत के संबंध चीन की इच्छाशक्ति पर निर्भर करते हैं। चीन को देखना है कि वह किस हद तक भारत के साथ हुए सीमा संबंधी पूर्व के द्विपक्षीय समझौतों का पालन करता है। उल्लेखनीय है की भारत और चीन के सैनिक आपसी बातचीत के बाद पैंगोंग झील के किनारे से तो हट गए थे लेकिन चीन के सैनिक गोगरा, हॉट स्प्रिंग और डेप्सांग में अभी भी काबिज हैं। इसके लिए दोनों पक्षों में कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन चीन पीछे हटने को तैयार नहीं है। पीछे हटना तो दूर की बात है वह नए-नए घातक हथियारों की तैनाती कर रहा है।
-अनिल नरेन्द्र
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