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Sunday, 26 December 2021
जान है तो जहान है, चुनाव टालने की सलाह
देश में कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट तेजी से फैल रहा है। इस बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में कोरोना की तीसरी लहर से जनता को बचाने के लिए राजनीतिक दलों की रैलियों पर रोक लगाएं। हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री से भी अनुरोध किया है कि वह चुनाव टालने पर विचार करें, क्योंकि जान है तो जहान है। दरअसल हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव गुरुवार को जेल में बंद एक आरोपी की जमानत पर सुनवाई कर रहे थे। कोर्ट ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में और बंगाल विधानसभा चुनाव में काफी लोग संक्रमित हुए थे। इससे लोग मौत के मुंह में गए। अब यूपी में विधानसभा चुनाव निकट हैं। इसके लिए सभी पार्टियां रैली, सभाएं करके लाखों की भीड़ जुटा रही हैं। रैलियों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन संभव नहीं है। इसे समय रहते नहीं रोका गया तो स्थिति दूसरी लहर से ज्यादा भयावह होगी। चुनाव आयुक्त से अनुरोध है कि वह पार्टियों को आदेशित करें कि वे प्रचार दूरदर्शन और समाचार पत्रों के जरिये करें। संभव हो तो फरवरी में होने वाले चुनाव को एक-दो महीने के लिए टाल दें। हाई कोर्ट ने एक दैनिक समाचार पत्र के अनुसार 24 घंटे में 6000 नए मामले मिले हैं एवं 318 लोगों की मौत हुई है और यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस भयावह महामारी को देखते हुए चीन, नीदरलैंड, आयरलैंड, जर्मनी, स्कॉटलैंड जैसे देशों ने पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लगा दिया है। ऐसी दशा में महानिबंधक, उच्च न्यायालय से आग्रह है कि इस विकट स्थिति से निपटने के लिए नियम बनाएं, यह कहना था याचिकाकर्ता का। इससे पहले ही गुरुवार को केंद्र सरकार ने उन सभी राज्यों को टीकाकरण को लेकर निर्देश दिए थे, जहां आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। अब सबकी नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं। देखें, वह क्या फैसला करता है।
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