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Sunday, 26 December 2021
लव जेहाद पर पहली सजा
लव जेहाद के एक मामले में सुनवाई करते हुए जिला कोर्ट ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है, साथ ही 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि में से 20 हजार पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएंगे। यह मामला 15 मई 2017 का है। जूही थाना क्षेत्र की कच्ची बस्ती में एक किशोरी रहती है। जावेद नाम के एक युवक ने खुद को हिन्दू बताते हुए उसे अपना नाम मुन्ना बताया था। बाद में दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगीं। धीरे-धीरे दोनों में प्रेम-संबंध हो गए। फिर आरोपी किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया। बेटी के लापता होने के बाद पीड़ित परिवार वाले जूही थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अगले दिन ही आरोपी को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया था। पीड़िता की मां की तहरीर पर पॉस्को एक्ट समेत रेप का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। मामले में 164 के बयान में पीड़िता ने बताया कि जावेद ने खुद को हिन्दू बताकर उससे दोस्ती की थी। इसके बाद शादी का झांसा देकर साथ ले गया। जब वह उसके घर पहुंची तो उसे अपना असली धर्म बताकर निकाह करने के लिए कहा। इस पर लड़की ने इंकार कर दिया। डीसीपी क्राइम दिलीप कुमार ने बताया कि पीड़िता से धर्म की पहचान छिपा कर फरेब किया गया है। उत्तर प्रदेश में नवम्बर 2020 में अवैध धर्मांतरण कानून उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिबंध प्रतिवेध अध्यादेश-2020 लागू हुआ था। इसमें बहला-फुसला कर, जबरन, छल-कपट कर, लालच देकर या विवाह से एक धर्म में किया गया परिवर्तन गैर-कानूनी माना गया है। ऐसा करने के लिए अधिकतम सजा दो साल की है, साथ ही 25 हजार रुपए जुर्माना भी होगा।
-अनिल नरेन्द्र
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