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Sunday, 9 May 2021
तीसरी लहर के लिए क्या प्लान है
दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना की तीसरी लहर आने की वैज्ञानिकों की चेतावनी पर चिन्ता जताते हुए कहा कि विशेषज्ञ तीसरी लहर की बात कर रहे हैं। इसमें बच्चों के प्रभावित होने की आशंका ज्यादा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहाöअगर बच्चे संक्रमित होते हैं तो मां-बाप क्या करेंगे? अस्पताल जाना होगा? इस पर क्या प्लान है? इसे देखते हुए टीकाकरण तेज करना चाहिए और बच्चों के लिए भी सोचना चाहिए। अगर आज वैज्ञानिक तरीके से तैयारी करेंगे तब इससे निपट पाएंगे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने गुरुवार को दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी पर करीब पांच घंटे सुनवाई की। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बतायाöदिल्ली को 700 की जगह 730 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी गई है, लेकिन इसे अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं है। दिल्ली में 700 मीट्रिक टन की मांग सही नहीं। दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन नहीं दे पाएंगे। इस पर बेंच ने कहाöऑक्सीजन अलॉट करने के साथ अस्पतालों तक पहुंचाना होगा। हम इस मसले पर दिल्ली केंद्रित नहीं करना चाहते। केंद्र अपने ऑक्सीजन आपूर्ति के फार्मूले पर फिर से विचार करे। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने बदहाली का ठीकरा केंद्र पर फोड़ा तो मेहता ने कहा कि दिल्ली सरकार कोर्ट को अखाड़ा न बनाए। उसे पर्याप्त ऑक्सीजन दी गई। इस्तेमाल के ऑडिट की जरूरत है। दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली ही क्यों पूरे देश का ऑडिट हो।
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