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Friday, 5 March 2021

सरकार वोट की बात समझती है इसलिए वोट पर करेंगे चोट

किसान आंदोलन को मंगलवार को करीब 97 दिन पूरे हो गए। केंद्र सरकार और किसानों के बीच 12वें राउंड की बातचीत अभी तक नहीं हुई है। इसके बावजूद आंदोलन जारी है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और देश के दूसरे राज्यों से यहां किसानों को लीड कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से अब इस आंदोलन को राजनीतिक रूप से भी लड़े जाने और सरकार पर वोट की चोट पहुंचाने का प्रयास किया जाने लगा है। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से मंगलवार को घोषणा की गई कि वह पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में केंद्र में मौजूद भाजपा का विरोध करने के लिए खुले मैदान में उतरने को तैयार हैं। 12 मार्च को बंगाल से इसकी शुरुआत की जाएगी। अगला पड़ाव केरल और दूसरे राज्य भी होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से बलबीर सिंह राजेवाल और स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव ने घोषणा की कि वह 12 मार्च को एक बड़ी पब्लिक मीटिंग में पहुंचेंगे। बंगाल में पहुंचकर वहां के मजदूर, किसान और दूसरे लोगों को भाजपा और उसकी सहयोगी टीमों का विरोध करने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं है, लेकिन वह लोगों से इस बात की अपील जरूर करेंगे कि उनको वोट दें जो भाजपा को हराने में कामयाब हो सकें। योगेंद्र यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार वोट की बात समझती है, लिहाजा हम वोट पर चोट करेंगे। हम उस पार्टी का विरोध करेंगे, जिन्होंने इस काले कानून को बनाने में योगदान दिया है। मोर्चा छह मार्च को अपने 100 दिन दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन करते हुए पूरा करने वाला है। 100 दिन पूरे होने पर किसान नेताओं ने नई रणनीति के तहत केएमपी एक्सप्रेस-वे जाम करने का फैसला किया है। कहा गया है कि छह मार्च को सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक केएमपी को जाम करेंगे। हाइवे पर ट्रेक्टरों की कतारें लगाकर इसे ब्लॉक किया जाएगा। मोर्चे की तरफ से यह घोषणा भी की गई कि अब ट्रेड यूनियनों का भी साथ मिलने लगा है। देश की बड़ी 10 ट्रेड यूनियन उनके सम्पर्प में हैं और वह आने वाले दिनों में ट्रेड यूनियन के साथ कंधा मिलाकर इस आंदोलन को सफल बनाने में लगे हुए हैं।

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