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Friday, 29 October 2021
चीन मस्जिदों से हटा रहा गुंबद व मीनारें
चीन ने उत्तर-पश्चिमी प्रांत के शिनिंग शहर स्थित डोंगगुआन मस्जिद के गुंबद और मीनारों को हटा दिया है। चीन की कम्युनिस्ट सरकार इसे और अधिक चाइनीज स्वरूप देना चाहती है। चीन सरकार का कहना है कि यह सब कुछ इसलिए किया गया है ताकि मस्जिद पर मध्य-पूर्व एशिया का कथित इस्लामीकरण न दिखे, इसे ज्यादा चाइनीज लगना चाहिए। चीन ने अपने देश की मस्जिदों से इस्लामी वास्तुकला के प्रतीकों जैसे गुंबद और मीनारों को 1990 के दशक से हटाना शुरू कर दिया था। शुरुआत में मस्जिदों के पास बसी आबादी को हटाया गया। फिर वहां का वास्तुशिल्प बदलना शुरू किया गया। वर्तमान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौर में यह कार्रवाई और बढ़ी है। जिनपिंग ने इस अभियान को सांस्कृतिक एकीकरण का नाम दिया है। इसके तहत अन्य धर्मों को मानने वाले और संस्कृति वाले समुदायों से जुड़े हुए प्रतीकों को हटाने का काम शुरू किया गया। ऐसी कार्रवाई क्यों कर रहा है चीन? चीन को अपने पश्चिमी क्षेत्र में मुस्लिमों विशेषकर उइगरों से विरोध झेलना पड़ता रहा है। चीन ने धार्मिक प्रतिबंधों को और कड़ा किया है जिससे सरकार को कोई चुनौती नहीं मिल सके। पिछले दो वर्षों में चीन ने कई मुस्लिम धार्मिक संस्थाओं को बंद कर इमामों को गिरफ्तार किया है। तिब्बत के साथ रनर मंगोलिया क्षेत्र के स्कूलों में अब केवल चीन की मंदारिन भाषा में पढ़ाई होती है। शिनिंग में गत 1300 साल से हुई मुस्लिम रह रहे हैं। इनकी आबादी लगभग 11 करोड़ है। चीन ने सोवियत मॉडल पर अपने देश में रहने वाले धार्मिक और भाषायी अल्पसंख्यकों को 55 वर्गों में बांटा है।
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